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रविवार, 17 मार्च 2019

Global worning se kaise bacha sakti hai chitiya ग्लोबल वार्मिग से बचा सकती हैं चीटी



वाशिंगटन में हुई रिसर्च के अनुसार चीटी हमें ग्लोबल वार्मिग से बचा सकती है। शोधार्थियों के मुताबिक चीटियों ने 6.5 करोड साल पहले अपनी उत्पति के बाद से बड़ी मात्रा में हवा से कार्बन डाईआॅक्साइट को सोखा है। एक चींटी का जीवन एक साल से अधिक का नहीं होता । 
लेकिन जैसे-जैसे उसकी संख्या बढ़ती है, वैसे वह वातावरण को ठंड़ा करने में मदद करती है टेंप शहर में स्थित अरिजोना स्टेट विश्वविद्दालय के एक भूगर्भशास्त्री रोनाल्ड डाॅर्न के कहा, चीटिया पर्यावरण को बदल सोख कर कैलिशयम कार्बोनेट या लाइमस्टोन बनाने में मदद करती है। 
लाइमस्टोन बाने की प्रक्रिया में चीटी हवा से कार्बन डाईआॅक्साइड की कुछ मात्रा घटा देती है। अध्ययन दल ने यह भी पाया कि चीटीयां बेसाल्ट पत्थर को यदि खुले में छोड दिया जाए तो उनके मुताबिक, बेसाल्ट पत्थर को यदि खुले में छोड दिया जाएं तो जितने समय में यह टूट-फूट कर मिट्टी में मिल जाएगा, चीटिया यह काम 50 से 300 गुणा अधिक तेजी से कर सकती है। 
डाॅर्न ने कहा चीटिया खनिज से कैल्शियम औऱ मैग्निशियम निकाल सकती है और उसका उपयोग लाइमस्टोन बनाने में करती है। इस प्रक्रिया में वे कार्बन डाईआॅक्साइड गैस की कुछ मात्रा पत्थरों में कैद कर लेती है। यह अध्ययन शोध पत्रिका जियोलाॅजी में प्रकाशित हुआ है।

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