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रविवार, 25 अगस्त 2019

साइबर क्राइम से कैसे बचें | Cyber Crime से बचने के उपाय in hindi


साइबर क्राइम से कैसे बचें | Cyber Crime से बचने के उपाय (Bache)

 

Cyber crime se kaise bache
Cyber crime se kaise bache

 

  • अपने इंटरनेट बैकिंग और बैकिंग के सम्पूर्ण लेन-देन का यूज कभी भी किसी पब्लिक साइबर कैफे से न करें औऱ ना ही किसी भीड़भाड़ वाले जगहों पर भी न करे जहां पर आपके प्राइवेट इनफार्मेशन की आसानी से चोरी हो सकती है।
  • इंटरनेट बैकिंग के किसी भी तरह का ट्रांजेक्शन किसी दूसरे व्यक्ति के कंप्यूटर से बिलकुल न करें। ट्रांजेक्शन के बाद ईमेल अकाउंट को लाॅगआउट करना भी न भूलें। अचछा होगा यदि आप इस प्रकार के ब्राउजिंग के डाटा को उसके हिस्ट्री में जाकर डिलीट कर दें।
  • लाॅग इन करने के बाद कंप्यूटर के द्वारा पूछे गये आप्शन जैसे कीप ओन लाॅगिंग या पासवर्ड रिमेम्बर वाले लिंक पर क्लिक नहीं करें।
  • आप कभी अपने इन्टनेट बैकिंग के यूजर नाम और अकाउंट मेल, उसके पासवर्ड, प्राइवेसी या सिक्यूरिटी के प्रश्न और उनके उत्तर और ओ.टी.पी को किसी नोटबुक, मोबाइल और लैपटाॅप में लिख कर नहीं करना चाहिए।
  • आप अपने ईमेल अकाउंट के इनबाॅक्स में आये किसी बी स्पैम मेल को न तो ओपन करें और ना ही किसी अटैचमेंट को डाउनलोड करें।
  • अपने कंप्यूटर को एंटीवायरस और एंटीमैलवेयर साॅफ्टवेयर का यूज करें ताकि कंप्यूटर को वायरस अटैक से बचाया जा सके।
  • आप अपने कंप्यूटर, ईमेल अकाउंट औऱ अन्य प्रकार के इन्टरनेट ट्रांजेक्शन के लिए स्टोंग पासवर्ड का यूज करें जो कि Letter, Alphanumerical and underscore and lowercase and uppercase का मिश्रण हो।
  • अपने पासवर्ड को नियमित रूप से चेंज करते रहें।
  • अलग-अलग अकाउंट के लिए एक ही पासवर्ड का यूज नहीं करें।
  • एंटीवायरस और एंटीमैलवेयर साॅफ्टवेयर को अपडेट करते रहे ताकि आपका कंप्यूटर और ईमेल अकाउंट सेफ औऱ सिक्योर रह पाएं।
  • अपने इम्पोर्टेन्ट और सेंसिटिव फाइल को एनकोडेड फार्म में रखे ताकि किसी अन्य व्यक्ति को यह आसानी से पता नहीं चल पाएं। साथ ही सबी इम्पोटेेट डाटा के Folder और File का बैकअप भी जरूर मेंटेन करके रखे।

क्या करें जब आप साइबर क्राइम के शिकार हो जाएं? 


साइबर क्राइम से बचने के इतने सारे उपायों के बावजूद यदि आप दुर्भाग्यवश इसके शिकार हो जाएँ तो परेशान होने की जरुरत नहीं है। अफरातफरी में यह बात सब को बताने की भी जरूरत नहीं है। सबसे पहले तो आप इस तरह की धोखाधड़ी की रिपोर्ट अपने नजदीक के पुलिस स्टेशन में दें। 


इसके साथ ही किसी  कंप्यूटर एक्सपर्ट औऱ तकनीशियन की मदद से अपने पीसी में ऐसे साॅफ्टवेयर इंस्टाल करवाएं जिससे भविष्य में साइबर क्राइम की इस प्रकार की चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़े। अपने क्रेडिट कार्डए डेबिट कार्ड लाॅक करवा दें और यूजर नाम, ईमेल आईडी एकाउंटस और पासवर्ड को जल्दी से चेंज कर दें। 


इस सम्बन्ध में बेसिक फिलोसोफी और एसेंशियल प्रिंन्सिप्ल यही है कि अपने सारे अति गोपनीय डाटा को पूरी तरह से सिक्योर रखे और इन्हे किसी भी हालत में किसी से शेयर नहीं करें.। क्योंकि इस प्रकार की प्राइवेसी के इनफार्मेशन का लीक होना ही साइबर क्राइम को जन्म देता है।

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