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शनिवार, 17 अगस्त 2019

Files ki chori kaise roke - फाइलो की चोरी कैसे रोके

Files की चोरी कैसे रोके - ki chori kaise roke

 

Files ki chori kaise roke - फाइलो की चोरी कैसे रोके
 Files ki chori kaise roke - फाइलो की चोरी कैसे रोके

 

 

आपकी files, फोटो, मैसेज औऱ दूसरे दस्तावेजों को चुराने के लिए हैकर सेंध न लगा सकें, इसके लिए इन्क्रिप्शन, अतिरिक्त वेरीफिकेशन जैसे कई उपाय है।


आप अपने files की चोरी कैसे रोकेंगे? यह लाख टके का सवाल है। इन दिनों हर जगह हैकर आपके सिस्टम में सेंध लगाने की ताक में बैठे हैं। आपको अपने निजी दस्तावेज, files, फोटो, मैसेजेज आदि को सुरक्षित रखने के लिए दो स्तर पर उपाय करने की जरूरत है। पहला स्तर तो यह है कि आप अपने सिस्टम को एंटी वायरस के जरिेये प्रोटेक्ट करें। 


इसकी मदद से वायरस, मालवेयर, ट्रोजन आदि को सिस्टम में घुसने से रोका जा सकता है। इससे कोई हैकर आपके सिस्टम में नहीं घुस पाएगा। दूसरा स्तर फाइल को प्रोटेक्ट करने का है। यानी अगर किसी तरह कोई हैकर सिस्टम में घुंस जाए तब भी वह आपकी फाइल नहीं चुरा सके या उसे खोल नहीं सकें। 

यानी आपका डाटा सुरक्षित रहे। इन दिनो ज्यादातर डाटा क्लाउड पर सेव किया जाता है, इसलिए वहां सुरक्षा और भी जरूरी है।

सबसे पहले जब आप क्लाउड स्टोरेज में अपनी फाइल सेव करें तो उसे इन्क्रिप्ट जरूर करें। आमतौर पर क्लाउड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध कराने वाली कंपनियां इन्क्रिप्शन की सुविधा देती हैं। यानी फाइल अपने आप इन्क्रिप्ट करने की सुविधा इनबिल्ट होती है। लेकिन आप अतिरिक्त सुरक्षा के लिए एक और स्तर की इन्क्रिप्शन खुद कर सकते हैं। इसके लिए आप boxcryptor की सेवा ले सकते हैं। यह आपके क्लाउड एकाउंड में एक फोल्डर क्रिएट कर देता है और उसके अंदर रखी जाने वाली हर फाइल को इन्क्रिप्ट करता है।

बाॅक्सक्रिप्ट के जरिए जो इन्क्रिप्शन होता है, वह बहुत पावरफुल 256 बिट स्टैडर्ड का होता है। इसकी तुलना में गूगल ड्राइव का इन्क्रिप्शन एईएस-128 बिट का होता है। इसलिए अगर आप अपनी फाइल्स को बाॅक्सक्रिप्टर में सेव करते हैं तो गूगल ड्राइव के मुकाबले आपकी फाइल दोगुनी ज्यादा सुरक्षित रहती है। यह फोल्डर भी फोल्डर बनाते समय ही आप पासवर्ड बना सकते हैं। अगर किसी तरह से कोई हैकर इस फोल्डर में घुमने में कामयाब हो जाता है, तब भी वह आपकी फाइल्स का डाटा चोरी नहीं कर पाएगा

इन्क्रिप्शन का एक टूल बी1 फ्री आर्काइवर है, जो आपको www.bl.org से मिल जाएगा। यह बिल्कुल मुफ्त का टूल है और बहुत उपयोगी है। यह हर किस्म के प्रोग्राम के साथ काम करने में सक्षम है। इसकी मदद से आप पेड प्रोग्राम जैसे विन आरआर की फाइल को भी इन्क्रिप्ट कर सकते हैं। इसकी मदद से कंप्रेस की जा सकती है और क्लाउड सर्विस देने वाली दूसरी कंपनियों ड्राॅपबाॅक्स, गूगल ड्राइव और वन ड्राइव में भी इसकी मदद से files कंप्रेस और इन्क्रिप्ट की जा सकती है।

इसके अलावा एक और ओपन सोर्स है टूल 7 - जिप, जिसे आप www.7-zip.org से हासिल कर सकते हैं। आपकी फाल को कंप्रेस करता है और इन्क्रिप्ट कर देता है।

दो अलावा एक उपाय दो चरण के वेरीफिकेशन या आर्थेंटिकेशन का है। यह सुनने में थोड़ा जटिल काम लगता है, लेकिन असल में यह बहुत आसान है। इसमे आपको सिर्फ दो पासवर्ड बनाता होता है।  इससे दो स्तर पर आपके सिस्टम की सुरक्षा पुख्ता होती है। गूगल ड्राइव, ड्राॅपबाॅक्स, वनड्राइव आदि सब इसकी सुविधा देने लगे है। इसके लिए आपके बहुत कुछ नहीं करना है। 


बस सामान्य रूप से अपने एकाउंट में लाॅग इन करें और सेटिंग में लाॅग इन करेंगे तो एक पासवर्ड टाइप करना होगा। इसके बाद फिर आपको एक यूनिक कोड टाइप करना होगा, तब आप अपने सिस्टम में प्रवेश कर पाएंगे। यह यूनिक कोड आपको मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिए या आपके ईमेल एड्रेस पर भेजा जाएगा। हालांकि कई लोगों को लगता है कि इसमे ज्यादा समय लगता है और थोडी असुविधा भी होती है। सुरक्षा के लिए इतनी जहमत उठानी चाहिए।

फाइल्स को सुरक्षित रखने का एक उपाय यह है कि आप इंटरनेट से फाइल डाउनलोड करते समय या अपलोड करते समय उसे स्कैन करें। क्लाउड स्टोरेज में एक नई सेवा है सिक्योर बैकअप की जिससे आफ यह काम कर सकते हैं। इसके अलावा सिक्योरिटी फर्म मालवेयरबाइटस (www.malwarebytes.org , जो इस तरह से आपकी फाइल के प्रोटेक्शन के लिए काम करती है।



 इसमे आपको सौ जीबी स्टोरेज की क्षमता मिलती है औऱ फाइल भी सुरक्षित रहती है। इसके लिए आपको तीन डाॅलर यानी करीब 180 रू महीने को फीस भरनी होती है, जो कोई बहुत ज्यादा नहीं है। यह गूगल ड्राइव की सेवा से महंगा है औऱ ड्राॅपबाॅक्स में इस सेवा की फीस छ डाॅलर प्रति महीने है और गूगल ड्राइव में दो डाॅलर प्रति माह है। कई बार आप कोई फाइल किसी से शेयर करते हैं और कोई फाइल किसी से शेयर करते है  और उसके बाद इस चिंता में रहते हैं कि पता नहीं फाइल का क्या हुआ? आपने जिसे भेजा वह आगे किसी को शेयर करता है और आपकी फाइल जगह-2 घूमती रह सकती है। 



इसलिए इन दिनों क्लाउड सेवा देने वाली कुछ कंपनियों से फाइलो के सेल्फ डिस्ट्रक्शन की सुविधा दी है। यानी आप कोई फाइल किसी को भेजते हैं और वह उसके द्वारा देख ली जाती है तो उसके बाद अपने  आप फाइल नष्ट हो जाती है। इस आप www.dissipateapp.com

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